धनसिंह कोतवाल शोध संस्थान के चेयरमैन श्री तस्वीर सिंह चपराना का संबोधन
धनसिंह कोतवाल शोध संस्थान के चेयरमैन का संबोधन आदरणीय मंचासीन अतिथिगण, विद्वान साथियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और उपस्थित सभी सम्मानित नागरिकों, आप सभी को मेरा सादर नमस्कार। आज विश्व पुस्तक दिवस के इस पावन अवसर पर तिलक पुस्तकालय एवं वाचनालय, टाउन हॉल, मेरठ में आयोजित इस संगोष्ठी में आप सभी की गरिमामयी उपस्थिति हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। मैं धनसिंह कोतवाल शोध संस्थान की ओर से आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमारे इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को पुनर्जीवित करना और पुस्तकों के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं होतीं, बल्कि वे हमारे जीवन की सच्ची मार्गदर्शक होती हैं, जो हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती हैं। तिलक पुस्तकालय का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। वर्ष 1886 से यह पुस्तकालय ज्ञान-वितरण और बौद्धिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यहाँ लगभग 60,000 पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है, जिसमें साहित्य, इतिहास, समाजशास्त्र, विज्ञान और दर्शन जै...