अतिथि डॉ. रोशन लाल छोकर के मनोभाव
अतिथि डॉ. रोशन लाल छोकर चेतना मंच|सामाजिक चिंतक एवं शिक्षाविद्|गुर्जर समाज आज हमारे समाज के समक्ष सबसे बड़ा विषय केवल शिक्षा नहीं, बल्कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, चरित्र निर्माण, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का भी है। हमें अपनी युवा शक्ति पर समग्र दृष्टि से ध्यान देने की आवश्यकता है—उन्हें केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि एक संस्कारवान, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना ही समय की मांग है। वर्तमान समय में संयुक्त परिवारों का विघटन और केवल न्यूक्लियर परिवारों तक सीमित हो जाना कई सामाजिक समस्याओं की जड़ बनता जा रहा है। परिवार में बच्चों से संवाद की कमी, जीवन मूल्यों पर चर्चा का अभाव और व्यस्तता के नाम पर नैतिक शिक्षा की उपेक्षा—ये सभी कारण धीरे-धीरे समाज को भीतर से खोखला कर रहे हैं। यही कारण है कि दहेज़ जैसी कुप्रथाएँ आज भी किसी न किसी रूप में हमारे समाज में व्याप्त हैं, जिन पर हम खुलकर संवाद करने से कतराते हैं। हम अक्सर बाहरी शान-शौकत और दिखावे में उलझे रहते हैं, जबकि वास्तविक आवश्यकता है आत्मचिंतन और सुधार की। विवाह जैसे पवित्र संस्कार को प्रदर्शन और फिजूलखर्ची का माध्यम बन...