सत्संकल्प
सत्संकल्प मनुष्य के मूल्यांकन की सच्ची कसौटी सृजक : पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य स्रोत :‘ युग निर्माण सत्संकल्प ’ भूमिका मनुष्य को पहचानने और उसका मूल्यांकन करने का प्रश्न हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। सामान्यतः समाज व्यक्ति की सफलता, धन, पद, योग्यता या प्रसिद्धि को देखकर उसका सम्मान करता है। परंतु क्या यही किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान है? इस विषय में महान विचारक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का एक महत्वपूर्ण सत्संकल्प हमें सही दिशा दिखाता है। उनके अनुसार, मनुष्य का मूल्य उसकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके श्रेष्ठ विचारों और सत्कर्मों से किया जाना चाहिए। यदि समाज इस सिद्धांत को अपनाए, तो सामाजिक वातावरण अधिक नैतिक, प्रेरणादायक और मानवीय बन सकता है। सत्संकल्प का संदेश आचार्यश्री के अनुसार मनुष्य की असली पहचान उसकी सफलताओं, योग्यताओं या वैभव से नहीं होती। व्यक्ति कितना बड़ा है, इसका निर्णय उसके सद्विचार और सत्कर्म करते हैं। आज के समय में सफलता कई बार धन, सिफारिश, प्रभाव या चापलूसी से भी प्राप्त हो जाती है। वहीं अनेक लोग अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा से आगे बढ़ते हैं। लेकिन समाज अक...