नवल विचार
नवल विचार
सकारात्मक ऊर्जा से बनें बधाई के पात्र
बच्चों के नवाचारों संबंधी भावों का उद्गार
राजस्थान के जनपद सवाई माधोपुर में एक शिक्षालय में नियुक्त उपप्राचार्य सुनिता मीना द्वारा नित नए नवाचार विद्यालय में किए जा रहे हैं।
सामाजिक कार्यों, पर्यावरण संरक्षण आदि क्षेत्रों में भी वे लगातार सक्रिय रहती है। उनके जनहितकारी कार्यों, सामाजिक, साहित्यिक योगदान के कारण आए दिन समाचार पत्रों में भी उनकी चर्चा रहती है। पूरे सवाई माधोपुर में वह चर्चा में रहती हैं। विद्यालय की छात्राएं भी उनके कार्यों से प्रभावित होकर अक्सर उनसे पूछती रहती हैं कि
आप इतने एक्टिव कैसे रहते हो?
विविध दायित्वों को निभाने के बावजूद भी इतना सब कैसे कर लेते हो ?
इसके अतिरिक्त विद्यालय के अन्य अध्यापक आपको दीवारों पर चलने वाली और पत्तों पर नाचने वाली की उपाधि देते हैं । उनका मानना है कि आपके लिए कोई भी कार्य असंभव नहीं है और आप कुछ मिनट में ही उस कार्य को कर देती हो।
तब वो बच्चों को समझाती हैं कि पहले स्व की पहचान करें। अपनी काबिलियत पर भरोसा करें। ध्यान, योग करके दिमाग को स्थिर तथा सकारात्मक बनाएं। हर कार्य में अच्छाई देखें। काम को बोझ ना समझ कर उसे अपनी दायित्व समझें। नैतिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखें। स्वयं के प्रति ईमानदार बनें। सेवा का भाव मन में रखें। सब काम अच्छे होते हैं और मैं भी ऐसा ही करती हूँ।
जैसे-जैसे बच्चियों मेरे संघर्ष की कहानी, मेरे जीवन की कहानी को सुनती हैं किसी दूसरी बच्ची से, तो वह मुझे आग्रह करती है कि मैं अपने बारे में उन्हें विस्तार से बताऊं।
सभी बालिकाएं मंत्रमुग्ध होकर मेरी ज़ुबानी कही कहानी को सुनती हैं और प्रेरित भी होती हैं। मुझे भी उनके साथ संवाद करके बहुत अच्छा लगता है।
मैं बेटियों को एक बात जरूर बोलती हूं कि आप अपना जीवन कैसा बनाना चाहती हैं, यह आपके ऊपर निर्भर करता है। अपनी मुस्कुराहट की चाबी किसी दूसरे के हाथ में मत दीजिए बल्कि अपने हाथ में रखें। जीवन में नौकरी लगे या न लगे लेकिन सबसे पहले एक अच्छे इंसान जरूर बनें।
झलकियाँ
सूचना स्रोत
पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति












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