Posts

बाजार की उलझन

Image
बाजार की उलझन   प्रचुर विकल्प होने पर भी असमंजस नई दिल्ली हो या कोई अन्य छोटा या बड़ा शहर आजकल बाजार में घूमने जाएँ तो सिर चकरा जाता है। मोबाइल खरीदना हो या टीवी, फ्रिज, जूते या कपड़े अथवा कुछ अन्य — हर चीज के सैकड़ों मॉडल नजर आते हैं। हर ब्रांड अपना प्रोडक्ट सबसे अच्छा बताता है। लेकिन आखिर में इतना भ्रम हो जाता है कि फैसला लेना ही मुश्किल हो जाता है। यह समस्या सिर्फ आम आदमी की नहीं , बल्कि व्यापार करने वालों की भी है। जितने ज्यादा विकल्प, उतनी ज्यादा दुविधा। आखिर, क्यों हो रहा है ऐसा? यूज़ एंड थ्रो संस्कृति कंपनियाँ अब सामान को लंबे समय तक चलने वाला नहीं बनातीं। वे जानबूझकर ऐसी चीजें बनाती हैं जो दो-तीन साल में पुरानी लगने लगे। उदाहरण लीजिए मोबाइल फोन का। हर साल नया मॉडल आता है। कैमरा में बस एक पिक्सल ज्यादा, चार्जिंग थोड़ी तेज, या नया कलर — बस इतनी सी छोटी बदलाव के नाम पर कीमत 15 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा दी जाती है। पुराना फोन अभी भी अच्छा चल रहा होता है, लेकिन मार्केटिंग इतनी जोरदार होती है कि लगता है बिना नए फोन के आपका जीवन अधूरा है। इसी तरह टीवी, वॉशिंग मशीन, एसी — हर चीज में यह...

पशुपालन विभाग से मदद लेकर मुर्गी पालन में खड़ा किया करोड़ों का कारोबार

Image
पशुपालन से खड़ा किया करोड़ों का कारोबार  मेरठ। जिले के गांव गुमी निवासी ललित सिंह को पोल्ट्री फ़ार्म में शानदार सफलता हासिल करने पर पशुपालन विभाग की ओर से युवा उद्यमी के तौर पर सम्मानित किया गया।  चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में कुक्कुट पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित पोल्ट्री कॉनक्लेव एवं निवेश सम्मेलन में उप-निदेशक डॉक्टर ब्रजेश त्रिपाठी ने विभागीय योजना का लाभ उठाकर मुर्गी पालन में रिकॉर्ड उत्पादन करने पर ललित सिंह सहित कई युवा उद्यमियों को सम्मानित किया।  इस अवसर पर ललित सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पोल्ट्री क्षेत्र में विशेष प्रोत्साहन देते हुए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस योजना के अन्तर्गत उन्होंने भी पाँच साल पहले एसबीआई से 7.25 करोड़ रुपये का लोन लेकर बागपत में आरपी एग्रो इंडस्ट्री पोल्ट्री फ़ार्म की स्थापना की। इसमें विभाग की ओर से 2.25 करोड़ की सब्सिडी का लाभ भी मिला। पूरी मेहनत और लगन से इस प्रोजेक्ट को बढ़ाया और 50 हज़ार लेयर बर्ड्स से शुरू हुआ कारोबार अब 1 लाख 80 हज़ार लेयर बर्ड्स तक पहुँच चुका है। इसके अलावा 60 हज़ार पक्षियों...

नवाचारी गोरख सिंह का विशेष साक्षात्कार

Image
विशेष साक्षात्कार "विश्वास, अनुशासन और सुरक्षा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है" राम-सर मैनपॉवर एंड सेक्योरिटी सर्विसेज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री गोरख सिंह प्रधान से विशेष बातचीत भूमिका आज के दौर में सुरक्षा केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति, संस्थान और उद्योग की पहली प्राथमिकता बन चुकी है। ऐसे समय में यदि कोई युवा उद्यमी केवल व्यवसाय नहीं बल्कि विश्वास, अनुशासन और रोजगार सृजन को अपना लक्ष्य बनाकर आगे बढ़े, तो उसका प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन जाता है। लगभग दो वर्ष पूर्व श्री गोरख सिंह प्रधान ने राम-सर मैनपॉवर एंड सेक्योरिटी सर्विसेज की स्थापना की। अल्प समय में यह संस्था उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सुरक्षा एवं मैनपॉवर सेवाओं के क्षेत्र में अपनी विश्वसनीय पहचान बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी, बॉडीगार्ड, बाउंसर, औद्योगिक मैनपॉवर, सुविधा प्रबंधन (Facility Management) तथा पेरोल सेवाओं के माध्यम से कंपनी विभिन्न संस्थानों को सेवाएं प्रदान कर रही है। 'उलझन सुलझन' के लिए प्रस्तुत है श्री गोरख सिंह प्रधान से विशेष बातचीत...

गुर्जर शिक्षाविद् सम्मेलन–2026

Image
📚 एकल सूचना गुर्जर शिक्षाविद् सम्मेलन 2026 शिक्षा • संस्कृति • पहचान • उज्ज्वल भविष्य गुर्जर समाज की शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक पहचान और भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से गुर्जर शिक्षाविद् सम्मेलन–2026 का सफल आयोजन 16–17 जून 2026 को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में किया गया। यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की बौद्धिक चेतना को संगठित करने, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, विचारकों एवं समाजसेवियों को एक साझा मंच पर लाकर शिक्षा के क्षेत्र में दूरदर्शी चिंतन और ठोस कार्ययोजना तैयार करने का एक ऐतिहासिक प्रयास था। इस महत्त्वपूर्ण पहल को सफल बनाने में डॉ. राकेश राणा एवं प्रो. जगराम सिंह (कोटपूतली) की प्रमुख एवं प्रेरक भूमिका रही। उनके नियोजित नेतृत्व, समन्वय और सतत प्रयासों ने इस सम्मेलन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम विवरणिका (Brochure) का निर्देशन : डॉ. राकेश राणा सृजन : टीम "उलझन सुलझन" द्वारा किया गया, जिसमें सम्मेलन की अवधारणा, उद्देश्य, कार्यक्रम एवं समग्र स्वरूप को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। यह सम्मेलन समाज के शिक्षावि...

व्याख्यान

Image
व्याख्यान स्त्री का अंतर्मन: प्रेम और क्रोध का गहरा रिश्ता वक्ता: डॉ. दक्षा जोशी 'निर्झरा' स्थानीय संपादिका, उलझन सुलझन महिला प्रकोष्ठ अहमदाबाद (गुजरात) आदरणीय उपस्थित सज्जनो, मातृशक्ति, बहनो एवं प्रिय साथियो, आज मैं आप सबके सामने एक ऐसे विषय पर अपने विचार साझा करने के लिए उपस्थित हूँ, जो जितना सरल दिखाई देता है, उतना ही गहरा और संवेदनशील है—“स्त्री का अंतर्मन: प्रेम और क्रोध का गहरा रिश्ता।” अक्सर हम यह मान लेते हैं कि प्रेम और क्रोध दो विपरीत भावनाएँ हैं। हमें लगता है कि जहाँ प्रेम होगा, वहाँ शिकायत, रूठना या क्रोध नहीं होना चाहिए। लेकिन यदि हम स्त्री के मन को थोड़ा ठहरकर समझने का प्रयास करें, तो पाएँगे कि उसका क्रोध कई बार उसके प्रेम की ही एक गहरी अभिव्यक्ति होता है। स्त्री का मन अत्यंत संवेदनशील होता है। वह संबंधों को केवल निभाती नहीं, बल्कि उन्हें अपने भावनात्मक संसार में जीती है। यही कारण है कि वह उसी व्यक्ति से सबसे अधिक क्रोधित होती है, जिसे वह सबसे अधिक अपना मानती है। जिस व्यक्ति से मन का जुड़ाव ही न हो, उसके व्यवहार का असर भी बहुत कम होता है। अब प्रश्न उठता है कि स्त्...